राहुल गाँधी का जीवन चरित्र – Rahul Gandhi’s life Story in Hindi

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कांग्रेस के ‘युवराज’ राहुल गांधी यूं तो पहले से ही पार्टी में नंबर दो हैं, लेकिन 19 जनवरी 2013 को जयपुर चिंतन शिविर में उनको पार्टी उपाध्यक्ष बनाने का एलान के बाद वे अब अधिकृत तौर पर पार्टी में नंबर दो की हैसियत वाले नेता बन गए हैं.
राहुल गांधी का जन्म 19 जून, 1970 को भारत के राजनीतिक रूप से सबसे ताकतवर परिवार गांधी परिवार में हुआ. पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के पुत्र और श्रीमती इंदिरा गांधी के पोते राहुल अपने माता-पिता की दो संतानों में बड़े हैं और प्रियंका गांधी वढेरा के बड़े भाई हैं.
स्वतंत्र भारतीय राजनीति के जनक माने जाने वाले गांधी-नेहरू परिवार से संबंधित होने के कारण राहुल गांधी का सारा जीवन राजनीति के दांव-पेचों को देखते हुए ही बीता है. जिसके परिणामस्वरूप राहुल गांधी का राजनैतिक व्यक्तित्व बहुत अधिक परिष्कृत हो गया है. कांग्रेस के युवा नेता होने के कारण राहुल गांधी खुले विचारों और प्रगतिशील मानसिकता वाले व्यक्ति हैं. वह एक समझदार और जुझारू नेता हैं. व्यक्तिगत तौर पर आम व्यक्तियों की तरह राहुल गांधी को भी घूमने-फिरने और विभिन्न खेलों को देखने और खेलने का शौक है.

राजनैतिक सफर:-

वर्ष 2003 में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय राजनीति में रुचि लेना प्रारंभ किया. 2004 में ही राहुल गांधी ने यह घोषणा कर दी कि वह मई 2004 के चुनावों में पिता के पूर्व निर्वाचन क्षेत्र अमेठी से ही चुनाव लड़ेंगे.
मई 2004 के चुनावों में जीतकर राहुल गांधी चौदहवीं लोकसभा के सदस्य बने. रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र में जब दोबारा चुनाव हुए तो मां सोनिया गांधी को विजयी बनाने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बहुत बड़े पैमाने पर वहां प्रचार किया. परिणामस्वरूप सोनिया गांधी भारी अंतर से वह सीट जीत गईं.
राहुल गांधी को पार्टी सचिवालय के एक फेरबदल में 24 सितंबर, 2007 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का सामान्य सचिव नियुक्त किया गया साथ ही भारतीय युवा कांग्रेस और विद्यार्थी संघ, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रभारी पद का भी भार सौंपा गया. वर्ष 2009 में हुए चुनावों में राहुल गांधी पुन: अमेठी सीट पर जीत गए.
संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र राहुल की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल में हुई थी, इसके बाद वे प्रसिद्ध दून स्कूल में पढ़ने चले गए जहां उनके पिता राजीव ने भी शिक्षा ग्रहण की थी.
राहुल ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा से सन 1994 में अपनी कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद सन 1995 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से एमफिल की डिग्री हासिल की.
राहुल की असली परीक्षा अभी होना बाकी है, जब आगामी लोकसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा. यदि वहां उन्हें अपेक्षित सफलता मिलती है, निश्चित ही वे देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं.
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1 comments:

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Unknown
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4 April 2018 at 00:58 delete

लिंगयत धर्म कार्ड से संबंधित अच्छा लेख लिखा है आपने। पढ़कर मजा आ गया, मैं भी लेख लिखने का कार्य करता हूं। मेरी लेख को पढ़ने के लिए यहा पर आप जा सकते हैं। Latest News by Yuva Press India

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