
संजय दत्त का जन्म, सुपरस्टार माता पिता सुनील दत्त और नरगिस के यहा हुअ. बाल कलाकार के रूप (1972) में रेशमा और शेरा से उन्होने अपने फिल्मी करियर की शूरवात की. और पहली बार रॉकी (1981) में अभिनेता के रूप मैं सामने आए. लेकिन यह फिल्म भी कुछ नही करसकी. जिसके बाद वह विधाता, जीवा, नाम और ताकतवर में अभिनयकरते हुए नज़र आए. एक सेलिब्रिटी बच्चे और उम्मीदों पर ना उतरने के कारण उन्होने बहुत जल्दी से नशीली दवाओं का सेवेन लेना शुरू कर दिया, और उनके मा को कॅन्सर हो गया था इसका उन्हे बड़ा धक्का लगा.
उसके बाद उन्होने 1990 के दशक की फ़िल्मे जैसे सड़क, खून का कर्ज़, खाल नायक, साजन, वास्तव में कार्य किया, ये सारी फ़िल्मे बॉक्स ऑफीस पर कमियाब हुई मिशन कश्मीर, जोड़ी नंबर 1, हथियार, कांटे, मुन्नाभाई एमबीबीएस, दस, लगे रहो मुन्नाभाई, लोखंडवाला, धमाल, ब्लू गोलीबारी और ऑल द बेस्ट: फन बिगिन्स ,जैसी फिमे की जो एक्शन और कॉमेडीसे भर पूर थी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. हालांकि,1990 और 2000 के दशक मैं आतंकवादी से बातचीत करने और गेर खनूनी हतियार रखने के लिज़ाम मैं विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम (टाडा) के तहेत उन्हे गिरफ्तार किया गया जिसके लिए वो अभी भी अपील कर रहे है.
2011 में चतुर सिंह दो स्टार और रास्कल बॉक्स ऑफिस पर विफल रही जबकि डबल धमाल अच्छी तरह हिट रही.
संजय ने करण जौहर की फिल्म अग्निपथ में कंचा चीना की भूमिका निभाई, जो सुपर हिट हुएऽउर उनके रोल को पसंद किया गया था.
निजी जीवन:
संजय 1987 ने रिचा शर्मा से शादी की थी जिनका 1996 कॅन्सर के कारण निधन हो गया था. उन्हे एक बेटी है जिसका नाम त्रिशला दत्त जो अमेरिका मैं रहती है. उनकी दूसरी पत्नी रिया पिल्लई थी. दत्त ने वर्तमान में दिलनवाज़ शेख, जिन्हे मान्यता कहते है से शादी की जिन्होने 21 अक्टूबर 2010 को जुड़वा बच्चों एक लड़का और एक लड़की को जानम दिया.
2 comments
Write commentsnice dear Biography of Sanjay dutt
Replyशब्दनगरी हिंदी की प्रथम ब्लॉग्गिंग एवं सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट प्रस्तुत करता है : जीवनी लेखन प्रतियोगिया 2018
Replyसाहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिविम्ब है, समाज का मार्गदर्शक है तथा समाज का लेखा जोखा है |
किसी भी राष्ट्र या सभ्यता की जानकारी उसके साहित्य से ही मिलती है |
शब्दनगरी जीवनी लेखन प्रतियोगिता 2018, हिंदी साहित्य के रत्नों के प्रेरणादायक जीवन को 130 करोड़ भारतीयों तक पहुँचाने की ओर एक प्रयास है |
किसी महान लेखक, रचना-कार, कवि या भारतीय समाजसेवक के जीवन के अन-छुए पहलुओं को प्रकाशित करे |
प्रथम विजेता - 10,000/- ( दस हजार रुपये )
द्वितीय विजेता - 5,000/- ( पाँच हजार रुपये )
तृतीय विजेता - 3,000/- (तीन हजार रुपये )
शब्दनगरी जीवनी लेखन प्रतियोगिता 2018, हिंदी साहित्य के रत्नों के प्रेरणादायक जीवन को 130 करोड़ भारतीयों तक पहुँचाना चाहता है |
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे |
https://shabd.in/post/82488/shabdangari-jivani-lekhan-pratiyogiya-2018
EmoticonEmoticon